हमारी संस्था का उद्देश्य संस्था के द्वारा अपने तल्लानागपुर क्षेत्र के गाँव गाँव में जाकर वैचारिक क्रांति लाना चाहती हे, जिससे आने वाली पीढी आर्थिक सम्पनता के साथ साथ वैचारिक सम्पनता में भी धनी बने तभी वास्तविक विकास हो सकता हे,
समाज की वर्तमान समस्या :-
आज हम देखे तो यह लगता हे हमारा उत्तराखंडी व गड्वाली पहाड़ी समाज हमेसा से उपेक्चाऊ में रहा हे और विकास से मैदानी क्षेत्र की तुलना में हमारा पहाड़ी क्षेत्र विकास में कही कोशो दूर हे, जिस कारण हमारा समाज हीन भावनाओं का शिकार हो रहा हे जिस कारण पहाड़ का युवा अपने आप को शहरी युवाओ के सामने खुद को असहज व पिछडापन मह्सुश करता हे, जिस कारण समाज में कई कुरित्यों ने जन्म ले लिया हे,
इस बात को देखते हुऐ संस्था ने गाँव गाँव में जाकर वेचारिक क्रांति करने का निर्णय लिया तथा निम्न विन्दुओ पर जन सभाओ में चर्चाएँ की.
1. योग आयुर्वेद का परचार प्रसार
2. नसा मुक्त समाज
3. बली प्रथा का अंत
4. दहेज़ प्रथा का अंत
5. महिला सस्क्तिकरण
कही न कही इस सामाजिक बुराई का कारण हमारे चुने हुऐ उमीदवार हें जो केवल मतदान के समय ही वोटरों को लुभाने के लिये युवा बेरोजगारो को विकाश के नाम पर बार बार गुमराह करते रहते हे और जीतने के बाद वादे भूल जाते हे, और सरकार भले ही बेरोजगारी को लेकर गंभीर हे लेकिन दुर्भाग्यवस एक भी जन प्रतिनिधिअपने आप को पहाड़ में रहना महफुज नही समझता जीतने के बाद सबसे पहले वही नेता मैदानी शहरों में पलायन कर देता हे तो क्या वह जन प्रतिनिधि अपने समाज व क्षेत्र का विकाश क्या कर सकता हे क्या यह चिंता का विषय नही हे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए संस्था ने यह निर्णय लिया हे कि गाँव गावं जाकर चुनाव परक्रिया में सुधार हेतु ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत जिल्ला पंचायत उम्मीदवार को अपना बहुमूल्य मत दें जो शराब व वोट के नाम पर पेंसा न बांटे.
आपनी राय जरूर दे
दास वेल फेयर सोसाइटी
dasswalefaresociety
समाज की वर्तमान समस्या :-
आज हम देखे तो यह लगता हे हमारा उत्तराखंडी व गड्वाली पहाड़ी समाज हमेसा से उपेक्चाऊ में रहा हे और विकास से मैदानी क्षेत्र की तुलना में हमारा पहाड़ी क्षेत्र विकास में कही कोशो दूर हे, जिस कारण हमारा समाज हीन भावनाओं का शिकार हो रहा हे जिस कारण पहाड़ का युवा अपने आप को शहरी युवाओ के सामने खुद को असहज व पिछडापन मह्सुश करता हे, जिस कारण समाज में कई कुरित्यों ने जन्म ले लिया हे,
इस बात को देखते हुऐ संस्था ने गाँव गाँव में जाकर वेचारिक क्रांति करने का निर्णय लिया तथा निम्न विन्दुओ पर जन सभाओ में चर्चाएँ की.
1. योग आयुर्वेद का परचार प्रसार
2. नसा मुक्त समाज
3. बली प्रथा का अंत
4. दहेज़ प्रथा का अंत
5. महिला सस्क्तिकरण
कही न कही इस सामाजिक बुराई का कारण हमारे चुने हुऐ उमीदवार हें जो केवल मतदान के समय ही वोटरों को लुभाने के लिये युवा बेरोजगारो को विकाश के नाम पर बार बार गुमराह करते रहते हे और जीतने के बाद वादे भूल जाते हे, और सरकार भले ही बेरोजगारी को लेकर गंभीर हे लेकिन दुर्भाग्यवस एक भी जन प्रतिनिधिअपने आप को पहाड़ में रहना महफुज नही समझता जीतने के बाद सबसे पहले वही नेता मैदानी शहरों में पलायन कर देता हे तो क्या वह जन प्रतिनिधि अपने समाज व क्षेत्र का विकाश क्या कर सकता हे क्या यह चिंता का विषय नही हे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए संस्था ने यह निर्णय लिया हे कि गाँव गावं जाकर चुनाव परक्रिया में सुधार हेतु ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत जिल्ला पंचायत उम्मीदवार को अपना बहुमूल्य मत दें जो शराब व वोट के नाम पर पेंसा न बांटे.
आपनी राय जरूर दे
दास वेल फेयर सोसाइटी
dasswalefaresociety
Comments
Post a Comment